शिवरात्रि पूजा और व्रत में हवन धूप क्यों जलाय और कैसे [Shivratri Hawan Dhoop Puja]
सबसे पहले यहाँ पर एक बात समझना बहुत जरुरी है की शिवरात्रि पूजा और शिवरात्रि व्रत दोनों अलग है| अगर आप संध्या के समय धूप अर्चन या फिर पंचोपचार से पूजा करके आरती करते हैं तो उसे शिवरात्रि पूजा माना जायेगा| शिवरात्रि व्रत चार प्रहर में करनी होती है| शिवरात्रि पूजा और व्रत दोनों में ही आप धुनुची में हवन धूप जला सकते हैं| आप घर पे पूजा कर रहे हैं इसलिए इस बात का खास ख़याल रखे की इसमें जो धुनुची आप उपयोग करेंगे वह पीतल से ही बनी होनी चाहिए नाकि मिटटी से बनी| घर पे धूप जलाने के लिए हमेशा ही पीतल के धुनुची ही इस्तेमाल करना चाहिए| धूप हवन करने के लिए धूप से ही आहुति देनी होती है जिसके लिए धूना, गुग्गुल और घी आहुति देना होता है और धूप जलाने के लिए कपूर का उपयोग करना होता है| अगर आप चाहे तो बाजार में मिलनेवाले हवन सामग्री भी लेकर हावव धूप जला सकते हैं| हवन धूप के लिए एक धुनुची आप रखे जिसे आप धूप निवेदन मंत्र के साथ भगवान शिव और माता पार्वती को निवेदन करोगे और साथ ही आरती के धूप अलग से रखे जिसमे धूप, गुग्गुल से आप आरती करोगे| हवन धूप जब आप जलाय तो उसमें कम से कम सात बार या फिर ग्यारह बार धूप आहु...