जन्माष्टमी के लिए पूजा साम्रग्री [Janmashtami Puja items]

जन्माष्टमी में वैसे तो बहुत सारे सामग्री की जरुरत नहीं होती है उसके लिए जो जरुरी होता है वह है अपने ठाकुरजी के लिए प्रेम और उन्हें बस दिन भर निहारना पर क्यों के साल में एकबार ही जन्माष्टमी आती है तो हम सब चाहते हैं की अपने ठाकुरजी की आरती और पूजा थोड़ी सही तरीके से करें| इसके लिए आइये जन लेते हैं किन किन पूजा सामग्री और उपकरण हम आरती और पूजा के लिए लेंगे| 

अभिषेक के लिए - दूध, घी, सहद, दही, मिश्री, गंगा जल, तुलसी जल, चन्दन जल, शंख जल, कच्चे नारियल जल| अगर आपके पास गंगा जल मौजूद नहीं है तो आप केवल तुलसीजल का उपयोग कर सकते हैं| अभिषेक स्नान के बाद स्वच्छ जल से स्नान जरूर कराय और पवित्र वस्त्र पोछ ले|


पंचोपचार पूजा के लिए - चन्दन (हरि चन्दन), पीले रंग के फूल, अक्षत, धूप, दीप| 

श्रृंगार के लिए - पीला वस्त्र, फूल के गहने, मोरपंख, कमल के फूल, फूल माला, तुलसी माला| अगर आप राधारानी और श्री कृष्ण के पूजा एक साथ कर रहें तो राधारानी के लिए नील वस्त्र रखें या फिर पीला वस्त्र ही रखे लाल वस्त्र न रखे| जन्माष्टमी वैष्णव पूजा होती हैं मुख्यत इसलिए इसमें लाल रंग के वस्त्र इस्तेमाल नहीं होता है| पर अगर आप लक्ष्मी नारायण पूजा कर रहें हैं इस दिन तो आप माँ लक्ष्मी के लिए लाल वस्त्र ले सकते हैं|

मूल नैवेद्य के लिए - माखन, मिश्री, बतासा, नारियल लड्डू, बेसन लड्डू|

आरती के लिए - पंचप्रदीप, धुनुची, जलशंख,कमल पुष्प, मोरपंख से बने पंखा| 
धूप और गुग्गुल से धूप अर्चन करें और फिर धूप और घी से जलाई पंचपरदीप से आरती करें| उसके बाद शंख में तुलसी जल लेकर आरती करें और फिर कमल के फूल लेकर आरती करें और फिर पंखे से आरती करें| आरती से पहले शंख ध्वनि करें और समापन के बाद भी|

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

शिवपूजा धूप निवेदन और आरती मंत्र [Shivratri Dhoop aur Aarti puja Mantra]

नैवेद्य और प्रसाद क्या होता है [Naivedya aur Prasda]

आगम और धूप दीप पूजा आरती