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धुनुची धूप जलाने का तरीका [Dhunuchi Dhoop jalane ka tarika]

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अगर आप घर पे रोज धूप करना चाहते हैं पर सही तरीके से कर नहीं पते हैं तो उनको आज हम बताएँगे कि  कैसे घर पे जलाते हैं धुनुची धूप| बहुत से लोग गे के गोबर के कंडे में धूप जलाते हैं पर अगर आप घर पे धुनुची धूप जला रहे हैं तो सबसे अच्छा होता है कि आप नारियल के खोल यानि छिलके से जलाय| यह बाजार में नारियल बेचने वाले के पाश मिल जाता है साथ ही कुछ पूजा सामग्री के दुकान में भी आप आर्डर देकर इसे खरीद सकते हैं| कुछ प्रदेशों में लोग पुरे नारियल को भी खरीदते हैं और घर पे उसे छील कर सही तरीके से काट के उससे फिर धूप जलने में इस्तेमाल करते हैं| धूप जलने के लिए तो जबसे पहले आप एक पीतल का धुनुची ले ले| बहुत से लोग मिटटी कि भी धुनुची इस्तेमाल करते हैं पूजा के लिए पर अगर आप धूप से आरती कर रहें हैं तो आपको पीतल का धुनुची ही लेना चाहिए| धुनुची को साफ करके ही आप पूजा या आरती के लिए इस्तेमाल करें| धुनुची लेने के बाद अब नारियल के छिलके को छोटे छोटे आकार में काट के या फिर छिलके के जो नरम भाग होता हैं उसे हात से अच्छी तरीके से शक्त खोल से अलग करके धुनुची में अच्छी तरह से रख ले| ऐसे रखें ताकि आपको जलाने में क...

पीतल धुनाची / धुनुची [Dhunachi]

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धुनाची, धुनुची  या धूप पात्र कहा जाता है इसे| यह वैसे तो पुरे भारत में ही इस्तेमाल होता है अलग अलग तरह से पर पूर्व भारत के पूजा अर्चना में धूप देने कि परंपरा में इसकी इस्तेमाल बहुत ही ज़्यादा है| धुनाची पीतल और मिटटी से बनाई जाती है कभी कभी यह चांदी से भी बनाई जाती है पर पीतल के धुनाची ही ज़्यादा इस्तेमाल कि जाती है| भाषा के अंतर में इसे धुनाची या धूनची कहा जाता है जिसका मतलब है कि धूना देने की पात्र| धूना शाल बृक्ष का गोंद होता है जिसे हम प्राकृतिक धूप के रूप में इस्तेमाल करते हैं| बंगाल में इसे नारियल के सूखे खोल यानि छिलके से जलाई जाती है और धूना, गुग्गूल से जलाई जाती है जिससे सुगन्धित धुंआ होता है| उत्तर भारत में कुछ जगह इसे गाये के गोबर से बने कंडे से भी जलाई जाती है| यह पूरी तरह से प्राकृतिक धूप से और इसके धुंआ से हमारे शरीर को किसी प्रकार हानि होने की आशंका काफी कम होती है| किसी भी पूजा में धुनाची आरती यानि धूप आरती करने की परंपरा है, यह प्राकृतिक धूप जलाने से पूजा के बातावरण शुद्ध और मन पवित्र हो जाता है| धूप दीप आरती एक प्राचीन परंपरा है जिसमे धुनाची इस्तेमाल किया जाता...