संदेश

#Diwali #Diwali2018 #DiwaliAarti #Diwalipuja #Aarti लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दीपावली पर कैसे करें माँ लक्ष्मी की आरती पूजन [Diwali MahaLakshmi Aarti]

चित्र
दीवाली के लिए हम साल भर प्रतीक्षा करते हैं और सोचते हैं की हम इस दिवाली क्या करे और क्या न करे| पर सबसे ज्यादा हम चिंता होती हैं की हम पूजा और आरती कैसे करें माँ लक्ष्मी की क्यों के यही दिवाली की सबसे सुन्दर पल होता हैं जब हम सब मिलके माँ की आरती करते हैं| दीपावली के पूजा को लेकर वैसे तो कई सारे विडिओ और पूजा हमारे यहाँ मौजूद है पर आरती को लेकर अलग से कोई लेख मुझे दिखाई नहीं दिए इसलिए में यहाँ पर आप सभी को दिवाली आरती के बारे में कुछ बात बताना चाहूंगा| वैसे तो लक्ष्मी पूजन में कलश स्थापन करके अपने परिवार के नियम और परंपरा अनुसार लक्ष्मी गणेश या लक्ष्मी  नारायण की पूजा कर सकते हैं पर जहा तक मेरी जानकारी है अगर आप दुकान या दफ्तर में पूजा करते हैं तो लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें और अगर आप घर पे माँ लक्ष्मी की आराधना करते हैं तो श्रीनारायण के साथ पूजा करें| माँ लक्ष्मी को केवल खली पूजन कभी नहीं करना चाहिए| तो आप कलश स्थापन करके पांच उपचार यानि गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, दीप से पूजा करें और मन चाहा भोग भी लगाय| भोग लगाने के बाद अब आती है पुष्पांजलि और आरती की बारी| आरती करने से पहले दो...

दीपावली पर आरती करे या न करे? [Diwali par Aarti]

चित्र
बहुत सारे लोगों का कहना है कि क्या हम दीपावली पर माँ लक्ष्मी कि आरती करे या न करें? क्यूंकि बहुत से लोग कहते है कि आरती करने का मतलब होता है माँ लक्ष्मी को जाने को कहना| पर आपको एक बात सबसे पहले बता दे कि आरती से कोई आने जाने का सम्बन्ध बिलकुल भी नहीं है| आरती करने का मतलब होता है भगवान को प्रेम से धूप-दीप दिखाना या उनके सम्मान करना| अगर आप कोई भी पूजा करते है पर आप आरती नहीं करते है उसके आखिर में तो वह पूजा असम्पूर्ण मानी जाती है| वैसे तो आरती  एक स्वंय सम्पूर्ण पूजा है पर यह पूजा के लिए भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण आचार है| इसलिए किसी भी पूजा से पहले संक्षिप्त यानि धूप और दीप से और पूजा के अंत में धूप-दीप-शंखजल-पुष्प-चंवर से यानि पंच आरात्रिक पद्धति से आरती करनी चाहिए| और हम नवरात्रि और गणेश पूजन में भी नौ दिन या दस दिन तक माता को या बाप्पा को घर पे रखके आरती करते हैं यानि सेवा करते हैं| अगर आरती करने से भगवान चले ही जाते तो इन पूजा उत्सव में भी हम आरती नहीं करते| हम अपने भगवान को अपना प्रेम देना कहते हैं उनकी सेवा करना कहते हैं आरती एक सम्पूर्ण सेवा हैं और एक विशेष सेवा भी| अगर आ...