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कैसे करें घर पे ही सरल गणेश पूजा आरती [Saral Ganpati pujan vidhi]

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श्री गणेश गणों के ईश है अर्थात सबसे ईश्वर, इसलिए उन्हें अपने घर का सदस्य और अपने बंधू दोस्त मानकर ही पूजा आरती करें| गणपति बाप्पा प्यार भावना के भूखे है नाकि सिर्फ सामग्री और उपचार के| बस इस बात का ध्यान रखे कि अगर आप अपने घर पे श्री गणेश की स्थापना करते हैं तो दिन में टिंबर आरती जरूर करें और पुरे घर में भी धूप जरूर करें साथ ही अगर आप अखंड दीपक न भी जला पाए तो घर के बत्ती को न बुझाय| गणपति बाप्पा के लिए मंदिर या चौकी के पास एक गिलास या लोटा में पानी भरके जरूर रख दे|  अगर आप धातु के गणेश मूर्ति की पूजा कर रहे हैं तो उसे सबसे पहले कच्चे हल्दी से नहलाए और पंचामृत  से अभिषेक जरूर कर ले| अगर आप मिटटी की मूर्ति में ही गणपति आराधना कर रहे हैं तो उसके लिए आप किसी सुपारी को भगवान की मूर्ति मानकर उनकी अभिषेक कर सकते हैं| नहलाने के बाद गणेश जी को एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उन्हें बैठा दे और अच्छे से फूल माला से सजा जरूर दे| इसके बाद बाप्पा के दोनों तरफ पीतल या चांदी के दो दीपक जला दे जिसे आप तेल से ही जलाय जिनमें सबसे अच्छा होगा नारियल तेल का इस्तेमाल करना| अगर आप कहें तो दोनों तरफ...

भारत के कुछ प्रसिद्ध आरती जो दुनिया भर में जाने जाते हैं [Some famous Aarti of India list]

वैसे तो भारत में हर मंदिर घर पे आरती की एक सुन्दर परंपरा है पर ऐसे कुछ आरती है जिन्हे देखने सिर्फ देश भर से ही नहीं विदेश से भी लोग आते रहते हैं| आइये ऐसे ही कुछ आरती के सूची जानते हैं निचे- १. बनारस गंगा आरती, राजेंद्रप्रसाद घाट, दशाश्वमेध घाट, वाराणसी, उत्तरप्रदेश  २. श्री विश्वनाथ आरती, वाराणसी, उत्तरप्रदेश  ३. माँ अन्नपूर्णा आरती, वाराणसी, उतरप्रदेश  ४. दक्षिणेश्वर काली बाड़ी आरती, कोलकाता, पश्चिम बंगाल  ५. कालीघाट मंदिर आरती, कोलकाता, पश्चिम बंगाल  ७. रानी रासमणि परिवार की दुर्गापूजा आरती, कोलकाता, पश्चिम बंगाल  ८. श्री सिद्धि विनायक आरती, मुंबई, महाराष्ट्र  ९. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति आरती, पूणा, महाराष्ट्र  १०. महालक्ष्मी मंदिर आरती, कोल्हापुर, महाराष्ट्र  ११. द्वारिकाधीश मंदिर आरती,  द्वारका, गुजरात  १२. सोमनाथ मंदिर आरती, वेरावल, सौराष्ट्र गुजरात १३. श्री गोविन्द देवजी मंदिर, जयपुर, राजस्थान  १४. श्री बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन, उत्तरप्रदेश  १५. श्री राधारमण मंदिर, वृन्दावन, उत्तरप्रदेश  ...

क्यों करते हैं पूजा के बाद आरती? अगर नहीं जानते तो जान ले इसके कारण [Why do the aarti after worship]

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वैसे तो हम रोज घर पे पूजा करते हैं और साथ में आरती भी करते ही है| पर कभी अपने सोचा है की रोज आरती करने का क्या क्या फायदा हमारे रोज के दिनचर्या पर पड़ता है| पूजा चाहे छोटा हो या बड़ा हो आरती के बिना उस पूजा को सम्पूर्ण नहीं माना जाता है, पर आरती करने के कारण हम में से बहुत काम लोगों को ही पता है| आइये आज जानते हैं आरती करने के कुछ कारण- आरती में घी, सरसो का तेल. टिल का तेल इस्तेमाल किया जाता है जो की पूरी तरह से प्राकृतिक होती हैं और आसानी से मिल भी जाती है| घी गाय के दूध से बना हुआ होता है जब इसे रुई की बाती से जलाई जाती हैं तो घी और प्राकृतिक तेल से एक बहुत ही अच्छी खुशबू आती है| साथ में आरती के लिए धूप भी जताई जाती हैं धुनुची धूप जिसे कहते हैं| पीतल के धुनुची में जब आप धूप जलता हैं राल यानि धूना और गुग्गुल के साथ तो उसका सुगंध चारो ओर फैल जाता है जो एक आध्यात्मिक बातावरण बन जाता है| धूप के सुगंध हमें पूजा में एकाग्र होने में ओर मन को शांत रखने में मदत करता हैं| धूप दीप की यह सुगंध हमारे मन से ओर साथ ही घर में साडी नकारात्मक भावना ओर ऊर्जा को बाहर निकलता हैं ओर साथ ही मन में ओर...