संदेश

#पूजा लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पंचप्रदीप/आरती दिया [panchapredeep]

चित्र
पंचप्रदीप आरती के लिए इस्तेमाल होने वाले मुख्य पात्र है जिसे आरती दिया भी कहा जाता है, जो घी या तेल की बाती लगाकर जलाई जाती है| यह पीतल और चांदी के बने हुए होते हैं पर और पांच, सात, इक्कीस, अट्ठाइस या इक्यावन बातीवाले होते हैं| जैसे बनारस में आरती के लिए जो दीपका इस्तेमाल किये जाते हैं वो इक्यावन बाती के ही होते हैं| पर घर के आरती के लिए हम पांच दीपक के पंचप्रदीप ही इस्तेमाल करते हैं| बहुत से लोग मिटटी के दीपक से भी आरती करते हैं या फिर पंचमुखी पीतल के दीप थालीपर रखकर जलाई जाती है और आरती की जाती हैं| अगर कोई इस तरह से आरती के दीपक इस्तेमाल करना चाहे तो भी कर सकता है उस में कोई समस्या तो नहीं है पर आजकल बाजार में कई तरह के अच्छे पीतल और काठ के हैंडल वाले पंचप्रदीप मिल जाते हैं और ऑनलाइन शॉप में भी उपलब्ध है अभी तो| इसलिए अगर आप आरती के लिए पंचप्रदीप लेंगे तो यह हैंडल वाले पांच या सात दीपकापवाले आरती दिया ही ले| बहुत से एक दीपक भी बाजार में आपको मिल जायेगा जो ही आरती के लिए ही हैंडलवाले एक दीपक है| पर अगर आप आरती दीपक खरीदेंगे ही तो आपको पांच बत्तीवाले दीपक ही लेना चाहिए| यह आरती के...

क्यों करते हैं पूजा के बाद आरती? अगर नहीं जानते तो जान ले इसके कारण [Why do the aarti after worship]

चित्र
वैसे तो हम रोज घर पे पूजा करते हैं और साथ में आरती भी करते ही है| पर कभी अपने सोचा है की रोज आरती करने का क्या क्या फायदा हमारे रोज के दिनचर्या पर पड़ता है| पूजा चाहे छोटा हो या बड़ा हो आरती के बिना उस पूजा को सम्पूर्ण नहीं माना जाता है, पर आरती करने के कारण हम में से बहुत काम लोगों को ही पता है| आइये आज जानते हैं आरती करने के कुछ कारण- आरती में घी, सरसो का तेल. टिल का तेल इस्तेमाल किया जाता है जो की पूरी तरह से प्राकृतिक होती हैं और आसानी से मिल भी जाती है| घी गाय के दूध से बना हुआ होता है जब इसे रुई की बाती से जलाई जाती हैं तो घी और प्राकृतिक तेल से एक बहुत ही अच्छी खुशबू आती है| साथ में आरती के लिए धूप भी जताई जाती हैं धुनुची धूप जिसे कहते हैं| पीतल के धुनुची में जब आप धूप जलता हैं राल यानि धूना और गुग्गुल के साथ तो उसका सुगंध चारो ओर फैल जाता है जो एक आध्यात्मिक बातावरण बन जाता है| धूप के सुगंध हमें पूजा में एकाग्र होने में ओर मन को शांत रखने में मदत करता हैं| धूप दीप की यह सुगंध हमारे मन से ओर साथ ही घर में साडी नकारात्मक भावना ओर ऊर्जा को बाहर निकलता हैं ओर साथ ही मन में ओर...

गुरुवार की लक्ष्मीनारायण पूजा आरती [ Lakshminarayan Puja Aarti ]

चित्र
गुरुवार हम हर घर पे ही लक्ष्मीनारायण की पूजा आरती करते हैं और साथ में आरती भी| आइये जान लेते हैं कि किस तरह से घरपे सहज तरीके से करें श्री लक्ष्मीनारायण जी की आरती पूजा| सबसे पहले अगर आपके घर पे लक्ष्मीनारायण की मूर्ति हैं तो आप उनमे ही पूजा आरती कर सकते हैं पर अगर आपके घर मूर्ति प्रतिष्ठित नहीं है तो आप लक्ष्मीनारायण की छवि में भी आरती कर सकते हैं| एक चौकी या घरपे एक छोटा सा मंदिर बना ले जो जहा पर आप मूर्ति या छवि रखकर आरती कर सकते हैं| लक्ष्मीनारायण पूजा वैष्णव मत में भी की जाती है इसलिए मंदिर या चौकी पर पीला कपड़ा ही बिछाय नाकि लाल या किसी और रंग का कपड़ा| पूजा में भी पिले रंग का फूल ही इस्तेमाल करें| चौकी और मंदिर में रखे मूर्ति या छवि को अच्छे से फूल से सजाय और माला भी पहनाए| आप पूजा के लिए एक पुष्पपात्र यानि थाली में चन्दन, फूल, अक्षत, तुलसीदल रख ले अगर आपको कमल का फूल मिलता है तो वह भी आप थाली में जरूर रखें| अब घट स्थापना करें, घाट स्थापना के लिए एक पीतल या ताम्बे की कलश को जलपूर्ण कर ले और उसमे सिंदूर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाय और आम के पत्ते नारियल से घट को सही जगह पर रखे| ...